Mother, father, brother

Freedom

Jai jawan jai kissan

Life is all about love and smiles

Few beautiful lines

Happiness is sleeping in Mom's lap

This world is so guarded and fearful

Gai and Kutta

Jo har haal me khush hai

Real meaning of HELLO

Things money can't buy

Have to let go

Evolution in modern times

Na Gam chaiye, Na kam chaiye

Tareef - Beizzati

Wow Car designs

बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर...

बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर...

क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है..

मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,

चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।।

ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है

पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है

जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन

क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने

न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले .!!.

एक घड़ी ख़रीदकर हाथ मे क्या बाँध ली..

वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे..!!

सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से..

पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला !!!

सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब....

बचपन वाला 'इतवार' अब नहीं आता |

शौक तो माँ-बाप के पैसो से पूरे होते हैं,

अपने पैसो से तो बस ज़रूरतें ही पूरी हो पाती हैं..

जीवन की भाग-दौड़ में -

क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है ?

हँसती-खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है..

एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम

और

आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है..

कितने दूर निकल गए,

रिश्तो को निभाते निभाते..

खुद को खो दिया हमने,

अपनों को पाते पाते..

लोग कहते है हम मुस्कुराते बहोत है,

और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते..

"खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ,

लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह
करता हूँ..

मालूम हे कोई मोल नहीं मेरा,
फिर भी,

कुछ अनमोल लोगो से
रिश्ता रखता हूँ...!

--हरिवंशराय बच्चन

जिन्दगी की दौड़ में...

जिन्दगी की दौड़ में...तजुर्बा कच्चा ही रह गया...
हम सिख न पाये 'फरेब' और दिल बच्चा ही रह गया...


बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे जहां चाहा रो लेते थे...
पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसुओ को तन्हाई !


हम भी मुस्कराते थे कभी बेपरवाह अन्दाज़ से.
देखा है आज खुद को कुछ पुरानी तस्वीरों में.


चलो मुस्कुराने की वजह ढुंढते हैं,
तुम हमें ढुंढो..! हम तुम्हे ढुंढते हैं..!!

😀😃😊

आयुर्वेदिक दोहे

🔴आयुर्वेदिक दोहे🔴
=============

१Ⓜ
दही मथें माखन मिले,
केसर संग मिलाय,
होठों पर लेपित करें,
रंग गुलाबी आय..
२Ⓜ
बहती यदि जो नाक हो,
बहुत बुरा हो हाल,
यूकेलिप्टिस तेल लें,
सूंघें डाल रुमाल..

३Ⓜ
अजवाइन को पीसिये ,
गाढ़ा लेप लगाय,
चर्म रोग सब दूर हो,
तन कंचन बन जाय..

४Ⓜ
अजवाइन को पीस लें ,
नीबू संग मिलाय,
फोड़ा-फुंसी दूर हों,
सभी बला टल जाय..

५Ⓜ
अजवाइन-गुड़ खाइए,
तभी बने कुछ काम,
पित्त रोग में लाभ हो,
पायेंगे आराम..

६Ⓜ
ठण्ड लगे जब आपको,
सर्दी से बेहाल,
नीबू मधु के साथ में,
अदरक पियें उबाल..

७Ⓜ
अदरक का रस लीजिए.
मधु लेवें समभाग,
नियमित सेवन जब करें,
सर्दी जाए भाग..

८Ⓜ
रोटी मक्के की भली,
खा लें यदि भरपूर,
बेहतर लीवर आपका,
टी० बी० भी हो दूर..

९Ⓜ
गाजर रस संग आँवला,
बीस औ चालिस ग्राम,
रक्तचाप हिरदय सही,
पायें सब आराम..

१०Ⓜ
शहद आंवला जूस हो,
मिश्री सब दस ग्राम,
बीस ग्राम घी साथ में,
यौवन स्थिर काम..

११Ⓜ
चिंतित होता क्यों भला,
देख बुढ़ापा रोय,
चौलाई पालक भली,
यौवन स्थिर होय..

१२Ⓜ
लाल टमाटर लीजिए,
खीरा सहित सनेह,
जूस करेला साथ हो,
दूर रहे मधुमेह..

१३Ⓜ
प्रातः संध्या पीजिए,
खाली पेट सनेह,
जामुन-गुठली पीसिये,
नहीं रहे मधुमेह..

१४Ⓜ
सात पत्र लें नीम के,
खाली पेट चबाय,
दूर करे मधुमेह को,
सब कुछ मन को भाय..

१५Ⓜ
सात फूल ले लीजिए,
सुन्दर सदाबहार,
दूर करे मधुमेह को,
जीवन में हो प्यार..

१६Ⓜ
तुलसीदल दस लीजिए,
उठकर प्रातःकाल,
सेहत सुधरे आपकी,
तन-मन मालामाल..

१७Ⓜ
थोड़ा सा गुड़ लीजिए,
दूर रहें सब रोग,
अधिक कभी मत खाइए,
चाहे मोहनभोग.

१८Ⓜ
अजवाइन और हींग लें,
लहसुन तेल पकाय,
मालिश जोड़ों की करें,
दर्द दूर हो जाय..

१९Ⓜ
ऐलोवेरा-आँवला,
करे खून में वृद्धि,
उदर व्याधियाँ दूर हों,
जीवन में हो सिद्धि..

२०Ⓜ
दस्त अगर आने लगें,
चिंतित दीखे माथ,
दालचीनि का पाउडर,
लें पानी के साथ..

२१Ⓜ
मुँह में बदबू हो अगर,
दालचीनि मुख डाल,
बने सुगन्धित मुख, महक,
दूर होय तत्काल..

२२Ⓜ
कंचन काया को कभी,
पित्त अगर दे कष्ट,
घृतकुमारि संग आँवला,
करे उसे भी नष्ट..

२३Ⓜ
बीस मिली रस आँवला,
पांच ग्राम मधु संग,
सुबह शाम में चाटिये,
बढ़े ज्योति सब दंग..

२४Ⓜ
बीस मिली रस आँवला,
हल्दी हो एक ग्राम,
सर्दी कफ तकलीफ में,
फ़ौरन हो आराम..

२५Ⓜ
नीबू बेसन जल शहद ,
मिश्रित लेप लगाय,
चेहरा सुन्दर तब बने,
बेहतर यही उपाय..

२६.Ⓜ
मधु का सेवन जो करे,
सुख पावेगा सोय,
कंठ सुरीला साथ में ,
वाणी मधुरिम होय.

२७.Ⓜ
पीता थोड़ी छाछ जो,
भोजन करके रोज,
नहीं जरूरत वैद्य की,
चेहरे पर हो ओज..

२८Ⓜ
ठण्ड अगर लग जाय जो
नहीं बने कुछ काम,
नियमित पी लें गुनगुना,
पानी दे आराम..

२९Ⓜ
कफ से पीड़ित हो अगर,
खाँसी बहुत सताय,
अजवाइन की भाप लें,
कफ तब बाहर आय..

३०Ⓜ
अजवाइन लें छाछ संग,
मात्रा पाँच गिराम,
कीट पेट के नष्ट हों,
जल्दी हो आराम..

३१Ⓜ
छाछ हींग सेंधा नमक, x
दूर करे सब रोग, जीरा
उसमें डालकर,
पियें सदा यह भोग..।

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If you can't speak well of someone, rather don't say anything

Once upon a time an old man spread rumors that his neighbor was a thief.
As a result, the young man was arrested. Days later the young man was
proven innocent. After being released, he sued the old man for wrongly
accusing him.

In court the old man told the Judge: 'They were just comments, didn't
harm anyone..'

The judge, before passing the sentence on the case, told the old man: 'Write
all the things you said about him on a piece of paper. Cut them up and
on the way home, throw the pieces of paper out. Tomorrow, come back to
hear the sentence.'

The next day, the judge told the old man: 'Before receiving the
sentence, you will have to go out and gather all the pieces of paper
that you threw out yesterday.'

The old man said: 'I can't do that! The wind spread them and I won't
know where to find them.'

The judge then replied: "The same way, simple comments may destroy the
honor of a man to such an extent that one is not able to fix it.

If you can't speak well of someone, rather don't say anything".

'Let's all be masters of our mouths, so that we won't be slaves of our
words.'

Some lines about "calcutta,"

👏👏
Some lines about "calcutta,".

Wo Victoria ki shaam🌃
wo ajc bose rd bridge ka jaam🚑🚕🚗🚦

Wo kutto 🐶 ki barking
& no place for parking🚏

Wo tiwari ka samosa🌰
Wo flurys ka cake🎂

Wo metro me masti 🚉
wo nicco park ki basti⛄🎡🎠⛵

Wo lake ka papri aur puchka 🍛
Wo garden cafe ka dosa🍪

Wo zoo ka crowd👭👬👪
Wo calcutta club ka feel proud🍻🍺

Wo jetty ⚓ ki sadke
jahan kitno ke dil dhadke💗💘💞💖

Wo subha subha sharma kii chai☕☕
Wo gangaur kii sabji kachori

Wo Mayaram ki Pau Bhaji 🍔🍲
Wo Shibuji ke pas wali Kulfi 🍨🍧

Wo lansdown ke paan ka kamal.....🍃
Wo Azad Hind Dhabe ki Daal🍵

Wo New market ke Chole 🍲
Wo Rallis ki Chuski aur Gole 🍡

Wo college ka yaar🚶
Wo parents ka pyaar👪

Aisa hi kuch hai Hamare calcutta ka sukhi sansar

Marriage explained in political language

घर में जब खुद की शादी की चर्चा होती है तो लगता है जैसे इलेक्शन का टिकट मिल गया हो,

लड़की देखते है तो लगता है की प्रचार की धमाधम चल रही हो,

किसी लड़की के हाँ कहने पर लगता है की जैसे MLA बन गए हो,

और शादी के वो 2-4 दिन लगता है जैसे हम मुख्यमंत्री बन गए हो,

और

शादी के 1 साल बाद लगता है जैसे कोई "घोटाला" करके फस गए हो !!!
😬😬

Greatest ironies of life and world

--:: कुदरत का सबसे बडा सच ::--

💧 यदि आप फूलों पर सो रहे हैं
        तो ये आपकी पहली रात है l

💧 और यदि फूल आप पर सो रहे
        है तो ये आपकी आखिरी रात है l

(अजब तेरी दुनिया गज़ब तेरा खेल)

®🔹🔸🔹®🔹🔸🔹®

💧 मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद
        किया जाता है l

💧 और मोमबत्ती बुझाकर जन्म
        दिन मनाया जाता है l

(कैसी विडम्बना है हमारे देश की)

®🔹🔸🔹®🔹🔸🔹®

💧 फूलन देवी डाकू होकर भी
        चुनाव जीत गई थी l

💧 और किरन बेदी पुलिस वाली
        होकर भी हार गई l

(किस्मत के खेल निराले मेरे भैया)
🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧

कितनी अजीब दुनिया हैं, जहाँ औरतें 'दूसरी औरतों
की शिकायते करते नहीं थकती,

जबकि पुरूष 'दूसरी औरतों' की तारीफ करते नहीँ
थकते !!!

पुरुष सच में महान हैं !!😜😝😜😝😜

🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧

हमने 5 औरतों को डव लगाया और 5 आदमियों को बियर पिलायी .. ….

आदमियों के चेहरे पर ज्यादा रंगत थी|😜😝😜😝😜


🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧

5 चीजें जो खत्म होने पे बहुत तकलीफ देते हैं

1. दोस्ती
2. पैसा
3. प्यार
4. रविवार और
5. इंटरनेट पेक

लास्ट वाला तो रुला ही देता है…😜



😜😝😛😷😷😋😋

🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧

😝😝 पुराने जमाने में जब कोई
अकेला बैठकर हंसता था, तो लोग
कहते थे… कि इसपर कोई भूत-
प्रेत का सांया है..!!
आज कोई अकेले में बैठकर हंसता है
तो कहते हैं…
मुझे भी SEND कर दे.

Meaning of everything we have in life

📍 Worries at the start of the day means u r still alive... 
📍Clothes that don't fit means u have a good appetite... 
📍 Tears in ur eyes means there is somebody u care for... 
📍The mess to clean after party means u have friends around u... 
📍 Roof that needs fixing means u have got a house...
📍Taxes to pay means u r not unemployed... 
📍 Msg on ur mobile means there is somebody who remembers u... 
📍Let's be optimistic in life because everything around u happens for a reason..

What is Maturity ?

What is Maturity ?

Maturity is when you stop trying to change people, and instead focus on changing yourself.

Maturity is when you accept people for who they are.

Maturity is when you understand that everyone is right in their own perspective.

Maturity is when you learn to "let go".

Maturity is when you are able to drop "expectations" from a relationship and give for the sake of giving.

Maturity is when you understand that whatever you do, you do for your own peace.

Maturity is when you stop proving to the world how intelligent you are.

Maturity is when you focus on positives in people.

Maturity is when you do not seek approval from others.

Maturity is when you stop comparing yourself with others.

Maturity is when you are at peace with yourself.

Maturity is when you can differentiate between "need" and "want, and you can let go of your wants.

Maturity is when you stop attaching "happiness" to material things.

Be simple.. Be positive... Show Maturity!

Believe in WORK Not in LUCK

Bill gates never did Laxmi pooja but he is the Richest man. Einstein never did Sarswati pooja but he was very Intelligent. Believe in WORK Not in LUCK. Trust in God but don't be dependent on him. Alexander's last words: Bury my body and keep my hands outside, so that the world knows "The Man who won the world had nothing in hands when he left" ... The Best "om" is home !! The Best "age" is courage !! The Best "mile" is smile !! The Best "stand" is understand !! The Best "end" is friend !! The Best "day" is today !! So enjoy to its fullest extent.
For BEST people👍

वह लड़की जिसे मैं ब्याह के लाया था

वह लड़की जिसे मैं ब्याह के लाया था -
-----------------------------------------
नहीं मिलती है।
ढूंढता हूँ तो भी,
और नहीं तो भी,
वो लड़की जिसे मैं ब्याह के लाया था
घिरी रहती है तेल नून के चक्करों में।
बच्चों की पढाई या उनकी दवाइयों के schedule में,
मसरूफ सी कोई मिलती तो ज़रूर है
पर नहीं मिलती मुझे वो लड़की जिसे मैं ब्याह के
लाया था
जो बिना बात किये रह न पाती थी,
आज कल सिर्फ एक ही सवाल पूछती 'कल tiffin में क्या
ले जाओगे?
याद है मुझे वह बातूनी
पर नहीं मिलती मुझे वो लड़की जिसे से मैं ब्याह के
लाया था
कतई ऐतियात से काजल लगाने का था शौक़ जिसे,
आजकल दिनों तक बालों के गिरहन भी नहीं
सुलझाती,
याद है मुझे वह अल्ल्हड़
पर नहीं मिलती मुझे वो लड़की जिसे से मैं ब्याह के
लाया था
नए जूते की मामुली सी खारिश ने रुलाया था जिसे
घंटो,
बेपरवाह लेकर घूमती है हाथों पर, रसोई के छाले वह आज
,
याद है मुझे वह नाज़ो से पली
पर नहीं मिलती मुझे वो लड़की जिसे से मैं ब्याह के
लाया था
लेकिन यह देखा है मैंने,
की ज़िंदगी की हर चीज़ में अपवाद होता है
इतवार की शाम चौक से गुज़रते समय,
जब पानी के बताशों के ठेलों की तरफ देखती है
तो उसकी लालची निगाहों में,
दिख जाती है वो लड़की जिसे मैं ब्याह के लाया था
मैं आज भी अक्सर बैठक के सोफे, पर ही पसर जाता हूँ ।
रात भर ठण्ड में ठिठुरता हूँ,
और सुबह अपने को, ख्याल से डाले हुए कम्बल में ढका
पाता हुँ.
सुबह की हड़बड़ी में शरारत से ही सही पर पूछता ज़रूर हूँ
आखिर पिछली रात किसने की थी मेहरबानी;
और फिर उसकी दबी सी लाज भरी हंसी में आखिर
पा ही जाता हूँ वो लड़की जिसे मैं ब्याह के लाया
था
----------------------------------------

Dedicated to all our wives 🙏👏

Memories of school times

कमीज के बटन ऊपर नीचे लगाना 

वो अपने बाल खुद न काढ पाना 

पी टी शूज को चाक से चमकाना 

वो काले जूतों को पैंट से पोछते जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ... 



वो बड़े नाखुनो को दांतों से चबाना 

और लेट आने पे मैदान का चक्कर लगाना 

वो prayer के समय class में ही रुक जाना 

पकडे जाने पे पेट दर्द का बहाना बनाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...



वो टिन के डिब्बे को फ़ुटबाल बनाना 

ठोकर मार मार उसे घर तक ले जाना 

साथी के बैठने से पहले बेंच सरकाना 

और उसके गिरने पे जोर से खिलखिलाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...



वो गुस्से में एक-दूसरे की कमीज पे स्याही छिड़काना 

वो लीक करते पेन को बालो से पोछते जाना 

बाथरूम में सुतली बम पे अगरबती लगा छुपाना 

और उसके फटने पे कितना मासूम बन जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...




वो games period के लिए sir को पटाना 

unit test को टालने के लिए उनसे गिडगिडाना 

जाड़ो में बाहर धूप में class लगवाना 

और उनसे घर-परिवार की बातें सुनते जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...




वो बेर वाली के बेर चुपके से चुराना 

लाल –काला चूरन खा एक दूसरे को जीभ दिखाना 

जलजीरा , इमली देख जमकर लार टपकाना 

साथी से आइसक्रीम खिलाने की मिन्नतें करते जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...




वो लंच से पहले ही टिफ़िन चट कर जाना 

अचार की खुशबूं पूरे class में फैलाना 

वो पानी पीने में जमकर देर लगाना 

बाथरूम में लिखे शब्दों को बार-बार पढके सुनाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...




वो exam से पहले गुरूजी के चक्कर लगाना 

बार – बार बस important पूछते जाना 

वो उनका पूरी किताब में निशान लगवाना 

और हमारा पूरे course को देख चकराना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...




वो farewell पार्टी के दिन पेस्ट्री समोसे खाना 

और जूनियर लड़के का ब्रेक डांस दिखाना 

वो टाइटल मिलने पे हमारा तिलमिलाना 

वो साइंस वाली मैडम पे लट्टू हो जाना 

ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...



वो मेरे स्कूल का मुझे यहाँ तक पहुचाना 

और मेरा खुद में खो उसको भूल जाना 

मेरा बाजार में किसी परिचित से टकराना

वो जवान गुरूजी का बूढ़ा चेहरा सामने आना ...

तुम सब अपने स्कूल एक बार जरुर जाना .....

Poem in favour of vegetarians

शाकाहार को जन जन तक पहुंचाती "सौरभ जैन सुमन" की वो कविता जिसे जब TV चैनल पर दिखाया गया तो अनेक मांसाहारियों ने आजीवन शाकाहार का नियम ले लिया।

गर्व था भारत-भूमि को
कि महावीर की माता हूँ।।

राम-कृष्ण और नानक जैसे
वीरो की यशगाथा हूँ॥

कंद-मूल खाने वालों से
मांसाहारी डरते थे।।

पोरस जैसे शूर-वीर को
नमन 'सिकंदर' करते थे॥

चौदह वर्षों तक खूंखारी
वन में जिसका धाम था।।

मन-मन्दिर में बसने वाला
शाकाहारी राम था।।

चाहते तो खा सकते थे वो
मांस पशु के ढेरो में।।

लेकिन उनको प्यार मिला
' शबरी' के जूठे बेरो में॥

चक्र सुदर्शन धारी थे
गोवर्धन पर भारी थे॥

मुरली से वश करने वाले
'गिरधर' शाकाहारी थे॥

पर-सेवा, पर-प्रेम का परचम
चोटी पर फहराया था।।

निर्धन की कुटिया में जाकर
जिसने मान बढाया था॥

सपने जिसने देखे थे
मानवता के विस्तार के।।

नानक जैसे महा-संत थे
वाचक शाकाहार के॥

उठो जरा तुम पढ़ कर देखो
गौरवमय इतिहास को।।

आदम से गाँधी तक फैले
इस नीले आकाश को॥

दया की आँखे खोल देख लो
पशु के करुण क्रंदन को।।

इंसानों का जिस्म बना है
शाकाहारी भोजन को॥

अंग लाश के खा जाए
क्या फ़िर भी वो इंसान है?

पेट तुम्हारा मुर्दाघर है
या कोई कब्रिस्तान है?

आँखे कितना रोती हैं जब
उंगली अपनी जलती है।।

सोचो उस तड़पन की हद जब
जिस्म पे आरी चलती है॥

बेबसता तुम पशु की देखो
बचने के आसार नही।।

जीते जी तन काटा जाए,
उस पीडा का पार नही॥

खाने से पहले बिरयानी,
चीख जीव की सुन लेते।।

करुणा के वश होकर तुम भी
गिरी गिरनार को चुन लेते॥

शाकाहारी बनो...!
।।.शाकाहार-अभियान.।।
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